हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, तुर्की के 11वें राष्ट्रपति अब्दुल्लाह गुल ने ग्रीस में 'डेल्फी आर्थिक मंच' पर कहा कि पश्चिम एशिया के युद्धों के कारण अमेरिका की स्थिति कमजोर हुई है और खाड़ी देशों ने उसकी शक्ति पर से भरोसा खो दिया है। उन्होंने क्षेत्र के सभी दर्द और संकटों के लिए इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया।
गुल ने कहा कि ग़ज़्ज़ा, ईरान और लेबनान पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं, जिनसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार ग़ज़्ज़ा में स्थिति नरसंहार में बदल चुकी है। उन्होंने अमेरिका पर ईरान को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका खुद मानता है कि ईरान उसके लिए तत्काल खतरा नहीं है। इस तरह का व्यवहार दूसरी शक्तियों को भी गैरकानूनी कदम उठाने का रास्ता दिखाता है।
गुल ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट नई चुनौती बन गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इज़राइल पहले से कहीं अधिक अलग-थलग पड़ गया है। जब तक पड़ोसी देशों के खिलाफ अवैध कब्जे, बफर जोन और बस्तियों की नीतियाँ जारी रहेंगी, क्षेत्र में नकारात्मक माहौल नहीं बदलेगा।
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